बीते दिनों मैं अयोध्या से नई दिल्ली का सफर कर रहा था मेरा रिज़र्वेशन कैंसिल हो गया था क्योंकि मैंने ऑनलाइन बुकिंग की थी जो वेटिंग की थी तो मुझे जनरल से सफर करना पड़ा।
जब अयोध्या रेलवे स्टेशन पर पहुंचा तो किसी तरह से मुझे जगह मिली और फैज़ाबाद पहुचते ही इतनी भीड़ की क्या बताया जाए अब ट्रैन फैज़ाबाद से निकल गयी थी लोग घास की तरह ठुसे पड़े थे जहाँ बैठ गए वहा से उठ नही सकते थे और शायद ही उसमे कोई ऐसा होगा जिसने टिकट न ली हो यह एक ओर देश मे बुलेट ट्रेन आ रही है हर सहर में मेट्रो चल रही है और यहाँ बैठने की जगह नही मिल पा रही है आप इसकी ज़िम्मेवारी किसे देंगे अपने आपको या जनता को या सरकार को मेरे हिसाब से सरकार को क्योंकि उनके पास हर चीज का डेटा है कितने लोग देश मे है कितने सहरी कितने गांव के कितने तेजी से जनसंख्या बढ़ रही है सब ब्यौरा है उसके बाद भी इसकी जो मूलभत चीजे है उस पर ध्यान नही दी जा रही है और यह के नेता अच्छी राजनीति नही गंदी राजनीति कर रहे है भरस्टाचार तो इनमें भरा पड़ा है कोई डंग का कार्य करना नही चाहता नही तो ये जनरल डिब्बे और नही बढ़ा सकते नही तो उतनी ही टिकट बेचे जितनी इनके पास सीटें हो मगर नही सारे नियम कानून तो बस जनता के लिए है या तो सरकारें है।
आप अपनी राय अवश्य दें ।
धन्यवाद।